पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन में मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने से पहले का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। हावड़ा स्टेशन में एक व्यक्ति सीसीटीवी कैमरा पर कुछ संदिग्ध वस्तु जलाते हुए दिखा है। इस मामले में रेलवे ने बड़ा दावा किया है। रेलवे ने कहा कि केवल ट्रेन में आग लगाने का मकसद नहीं था बल्कि भगदड़ कराने की कोशिश की गई थी।
ट्रेन में आग लगने से पहले का वीडियो
ये वीडियो मिथिला एक्सप्रेस में आग लगने से ठीक पहले का है। यह सब ठीक उसी समय किया गया, जब यात्रियों की सबसे ज्यादा भीड़ होती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा दहशत और अफरा-तफरी फैलाई जा सके।
जान बूझकर लगाई गई आग
सुरक्षा एजेंसियों और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने एक बड़ी जांच शुरू की है, जब CCTV फुटेज में हावड़ा स्टेशन के कैब रोड इलाके के पास एक बेहद संदिग्ध हरकत कैद हुई। फुटेज में एक संदिग्ध को जान-बूझकर कोई वस्तु फेंकते हुए देखा गया, जिससे तुरंत आग फैल गई।
रेलवे को बनाया जा रहा निशाना
यह चिंताजनक घटना हाल की उन चेतावनियों और खुफिया रिपोर्टों के ठीक बाद सामने आई है, जिनमें यह संकेत दिया गया था कि रेलवे को सुनियोजित तोड़फोड़ के लिए एक आसान लक्ष्य के तौर पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है।
भगदड़ पैदा करना था मुख्य लक्ष्य
जांच में पता चला कि यह घटना मिथिला एक्सप्रेस के एक कोच में आग लगने की रिपोर्ट से ठीक पहले हुई थी। अधिकारियों का मानना है कि इस हरकत का मकसद न सिर्फ रेलवे के कामकाज में बाधा डालना था, बल्कि हजारों यात्रियों के बीच भगदड़ जैसी स्थिति पैदा करना भी था।
किसी बड़े नेटवर्क का लगाया जा रहा पता
वीडियो में दिखे संदिग्ध की पहचान करने और सार्वजनिक सुरक्षा को अस्थिर करने की इस सुनियोजित कोशिश के पीछे काम कर रहे बड़े नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करने के लिए फिलहाल जांच चल रही है। देश भर के सभी प्रमुख रेलवे टर्मिनलों पर 'हाई अलर्ट' प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं।
19 मई को ट्रेन में लगी थी आग
बता दें कि मिथिला एक्सप्रेस में आग मंगलवार (19 मई 2026 को) लगी थी। यह घटना पश्चिम बंगाल के हावड़ा स्टेशन पर खड़ी 13021 हावड़ा-रक्सौल मिथिला एक्सप्रेस में हुई थी। आग लगने के बाद ट्रेन के जनरल कोच के शौचालय से धुआं निकलता देखा गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई थी।